यशस्वी जायसवाल ने राजकोट में मचाया गदर... तोड़े कई रिकॉर्ड्स, गांगुली-रोहित सब पीछे छूटे IND vs ENG 3rd Test
यशस्वी जायसवाल द्वारा रचित गदर: इंग्लैंड के खिलाफ IND vs ENG 3rd Test
प्रस्तावना:
भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया युग आरंभ हुआ है, जिसका प्रमुख करण है यशस्वी जायसवाल का उज्जवल प्रदर्शन। वे राजकोट में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ एक गांधी प्रदर्शन करते हुए जीत की ओर बढ़े। इस मैच में जायसवाल ने कई रिकॉर्ड तोड़े और गांगुली-रोहित को भी पीछे छोड़ा। इस युगल युग में हुए इतिहासपूर्ण क्रिकेट मैच का विवेचन करते हैं।
यशस्वी जायसवाल का इंट्रोडक्शन:
यशस्वी जायसवाल, जो की भारतीय क्रिकेट के सफल खिलाड़ियों में से एक हैं, ने इस मैच में अपने असाधारण क्षमताओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले ही अपने करियर के तीसरे टेस्ट मैच में एक अद्वितीय स्कोर के साथ दुनिया को हैरान कर दिया। उनका जीवनीमान और क्रिकेट करियर का संक्षेप इस मैच को और भी रोचक बनाता है।
मैच का आयोजन:
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे इस तीसरे टेस्ट मैच का आयोजन राजकोट क्रिकेट स्टेडियम में किया गया था। मैच का समय सुबह 9 बजे से शुरू हुआ था और बहुतेजादी स्पेक्टेटर्स इस महत्वपूर्ण मैच को देखने के लिए स्टेडियम में जमा हो गए थे। इस मैच को लेकर बड़े उत्साह और उत्सुकता के साथ इंतजार था, क्योंकि यह एक बड़े रैंकिंग मैच था जिसमें दोनों टीमें एक दूसरे के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही थीं।
पहला पारी:
इस मैच का पहला पारी अद्वितीय रहा, क्योंकि इंग्लैंड की बैटिंग लाइनअप ने एक नीति बनाई थी जो बहुतेजादी बोल्ड और गेंदबाज़ी के साथ खिल रही थी। इसमें जिम्मी एंडरसन की एक शानदार बोल्डिंग प्रदर्शन का सामना करना पड़ा, जिन्होंने अपने बोल्डिंग से खिलवारा करते हुए 5 विकेट लिए और सिर्फ 30 रनों पर विराट कोहली को वापस बुलाया। इंग्लैंड की पहली पारी म
ें 212 रनों पर सिमट गई और भारत को पहली पारी में 213 रनों से आगे बनाने का मौका मिला। इस पारी में भारतीय गेंदबाजों ने सामरिक बोल्डिंग का प्रदर्शन किया और इंग्लैंड की बैटिंग लाइनअप को सिर्फ 212 रनों पर ही रोका। इसमें रविचंद्रन अश्विन ने एक बार फिर से अपनी गेंदबाज़ी के जादू में डालकर चार विकेट लिए, जबकि उमेश यादव और मोहम्मद शमी ने भी बहुतेजादी बोल्डिंग की।
दूसरा पारी:
भारत को चेस के खेल में विजय के लिए आवश्यकता थी और यशस्वी जायसवाल ने इस मुश्किल कार्य को अद्वितीयता से पूरा किया। इनकी बैटिंग ने मैच को बदल दिया और उन्होंने एक बेहतरीन शतक के साथ आपकी बैटिंंग कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने विकेट के बिना 150 रनों की पारी खेली, जिसमें वे बहुतेजादी शैली में बैट करते हुए गेंदबाजों को चौका-छक्का मारते रहे।
जायसवाल का शतक न केवल उनकी खुद की उपलब्धि थी, बल्कि इससे टीम को भी एक सुरक्षित पॉजिशन मिली जिससे वह इस मैच को जीतने के लिए आगे बढ़ सकती थी। जायसवाल ने आपकी बैटिंंग कला के साथ ही मैच में कई रिकॉर्ड्स भी बना दिए, जिनमें से कुछ बहुतेजादी रिकॉर्ड्स थे जिन्होंने गांगुली और रोहित को पीछे छोड़ दिया।
जायसवाल के रिकॉर्ड्स:
सबसे तेज शतक: यशस्वी जायसवाल ने अपने पहले टेस्ट मैच में सबसे तेजी से शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सिर्फ 85 गेंदों में शतक बनाया और इसके साथ ही दर्शकों को हेरान कर दिया।
सबसे तेज 1000 रन: जायसवाल ने अपने पहले 5 टेस्ट मैचों में सबसे तेजी से 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सिर्फ 9 पारियों में इस मिलान को हासिल किया।
सबसे तेज दोहरा शतक: जायसवाल ने अपने पहले टेस्ट मैच में सबसे तेजी से दोहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सिर्फ 175 गेंदों में दोहरा शतक की नींव रखी।
*रोहित और गांगुली को पीछे


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