श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के हादीगाम इलाके में बुधवार देर रात आतंकियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि मौके पर सेना, पुलिस और सीआरपीएफ मौजूद हैं। फिलहाल आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों तरफ से रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है। फिलहाल अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने की सूचना नहीं है।
पुंछ भी चल रहा तलाशी अभियान इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के वन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने बुधवार को तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद मेहधार के कचबलारी और मंडी इलाके के अरधी में सेना और पुलिस संयुक्त रूप से अभियान को अंजाम दे रही है। इस बारे में अभी और अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है।
आतकंवादी की अचल संपत्ति कुर्क वहीं, जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम के तहत बुधवार को आतंकवाद के एक आरोपी की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि मध्य कश्मीर में गांदरबल जिले के वाकूरा क्षेत्र में लतीफ अहमद काम्बे की 10 मरला भूमि कुर्क कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम, आई.ए अधिनियम और एम.वी.अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एक मामले में गांदरबल के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एनआईए अधिनियम के तहत नामित विशेष न्यायाधीश) की अदालत द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में की गई। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णायक कदम गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम के दायरे में आने वाली गतिविधियों से निपटने के लिए जारी प्रयासों का हिस्सा है। प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई चल रही है और वह फिलहाल श्रीनगर के केंद्रीय कारागार में बंद है। उन्होंने बताया कि उक्त संपत्ति गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की धारा 33 (1) के तहत कुर्क की गई है।
बदले की आग, खूंखार इरादे: इमराना अरेस्ट के पीछे का रहस्य" दुनिया भर में आतंकवाद और आतंकी संगठनों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की जोरदार कठिनाईयों के बावजूद, वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नए तरीके और योजनाओं का अवलोकन कर रहे हैं। इसी विचार से हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने आतंकी गतिविधियों की नई एक चुनौती की ओर इशारा करती है - यह है "बदले की आग, खूंखार इरादे"। इस घटना का केंद्रीय पात्र इमराना है, जो एक अत्यंत सुरक्षित संगठन का हिस्सा है, जिसे कहा जा रहा है कि वह टाइम बम के ऑर्डर को अधिकृत करने के लिए जिम्मेदार थी। इस तथ्य को लेकर इमराना की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी है और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कदम के रूप में देखा है। इमराना की गिरफ्तारी के पीछे जो कहानी छुपी है, उसे सुलझाने के लिए एक विशेष टीम ने कड़ी मेहनत और तकनीकी जागरूकता का उपयोग किया है। विभिन्न स्रोतों से मिले जानकारियों के आधार पर, इमराना को टाइम बम के ऑर्डर के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था, जो एक नई तकनीकी तंत्र का हिस्सा है जिसका उपयोग...


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